आइये जानते है सूर्य ग्रहण कितने प्रकार के होते हैं, 21 जून का सूर्यग्रहण कैसा जाने वाला है।

जानें क्‍या है सूर्य ग्रहण और प्रकार

सूर्य ग्रहण एक तरह का ग्रहण है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के मध्य से होकर गुजरता है तथा पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण अथवा आंशिक रूप से चंद्रम द्वारा आच्छादित होता है। यानी क‍ि जब सूर्य और पृथ्‍वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो चंद्रमा के पीछे सूर्य का ब‍िंब कुछ समय के लिए ढक जाता है। इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। बता दें क‍ि सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं। तो आइए सूर्य ग्रहण के प्रकारों के बारे में व‍िस्‍तार से जानते हैं। साथ ही यह भी जानते हैं क‍ि 21 जून को होने वाले सूर्यग्रहण कैसा होगा?

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पूर्ण सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण का पहला प्रकार पूर्ण सूर्य ग्रहण है। यह उस समय होता है जब चंद्रमा पृथ्वी के काफ़ी पास रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है और चंद्रमा पूरी तरह से पृ्थ्वी को अपने छाया क्षेत्र में ले ले फलस्वरूप सूर्य का प्रकाश पृ्थ्वी तक पहुंच नहीं पाता है और पृ्थ्वी पर अंधकार जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है तब पृथ्वी पर पूरा सूर्य दिखाई नहीं देता। इस प्रकार बनने वाला ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण कहलाता है।

आंशिक सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण का दूसरा प्रकार आंश‍िक सूर्य ग्रहण होता है। आंशिक सूर्यग्रहण में जब चंद्रमा सूर्य व पृथ्वी के बीच में इस प्रकार आए कि सूर्य का कुछ ही भाग पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है अर्थात चन्दमा, सूर्य के केवल कुछ भाग को ही अपनी छाया में ले पाता है। इससे सूर्य का कुछ भाग ग्रहण ग्रास में तथा कुछ भाग ग्रहण से अप्रभावित रहता है तो पृथ्वी के उस भाग विशेष में लगा ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण कहलाता है।

वलयाकार सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण का तीसरा प्रकार यानी क‍ि वलयाकार सूर्य ग्रहण होता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण में जब चंद्रमा पृथ्वी के काफ़ी दूर रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है यानी क‍ि सूर्य को इस प्रकार से ढकता है कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है और पृथ्वी से देखने पर चंद्रमा द्वारा सूर्य पूरी तरह ढका दिखाई नहीं देता बल्कि सूर्य के बाहर का क्षेत्र प्रकाशित होने के कारण कंगन या वलय के रूप में चमकता दिखाई देता है। कंगन आकार में बने सूर्यग्रहण को ही वलयाकार सूर्य ग्रहण कहलाता है।

21 जून का सूर्य ग्रहण होगा ऐसा

21 जून को पड़ने वाला सूर्यग्रहण 3 घंटे 26 मिनट तक का होगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। जो क‍ि 21 जून रविवार को सुबह भारत में सबसे पहले द्वारिका में 9 बजाकर 53 मिनट पर दिखेगा। दोपहर 11 बजकर 30 मिनट से 12 बजकर 18 मिनट तक देश के अलग-अलग भागों में ग्रहण का मध्य काल होगा। दोपहर बाद 2 बजकर 28 मिनट पर पूरे देश से सूर्य ग्रहण समाप्‍त हो चुका होगा। 21 जून के बाद साल 2020 के अंत में एक और सूर्य ग्रहण लगेगा लेकिन वह सूर्य ग्रहण अपने देश भारत में नहीं देखा जा सकेगा।