राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसी है बाजार की चाल, अनिल सिंघवी से समझें इसका मतलब

पिछली कुछ सीरीज से बाजार की चाल वीरेंद्र सहवाह और महेंद्र सिंह धोनी वाली रही. लेकिन, पिछले कुछ दिनों में बाजार ने अपना मूड बदला और अब राहुल द्रविड और वीवीएस लक्ष्मण की तरह ट्रेड करता नजर आ रहा है. ये जो नरमी आई है, सुस्ती आई है, रेंज बाउंड मार्केट चल रहा है और वीक एक्शन दिख रहा है, इसके पीछे की वजह क्या है? किस ट्रिगर का मार्केट इंतजार कर रहा है. बाजार इस वक्त मंथली एक्सपायरी (Monthly Expiry) की तरफ चल रहा तो ज़ी बिज़नेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी से समझिए बाजार का सेटअप कैसा रहेगा? Get an Astrology consultation from our top Astrologer.

बाजार में कहां है एक्शन

अनिल सिंघवी के मुताबिक, वाकई में बाजार की चाल सुस्त है. लेकिन, फिर भी बेहतर एक्शन है. क्योंकि, अगर क्रिकेट की बात करें तो पहले के जमाने के बल्लेबाज तो टेस्ट के पांच दिन तक खेल जाते थे. रवि शास्त्री के नाम ये रिकॉर्ड है. उन्होंने टेस्ट मैच के पांचों दिन बैटिंग की थी. ऐसे ही कुछ और भी उदाहरण हैं जो पूरा टेस्ट निकाल दिया करते थे और रन नहीं बनते थे. लेकिन, बाजार में भी फिर एक्शन है. चाहे फार्मा सेक्टर में हो या फिर आईटी शेयर में एक्शन हो. साथ ही वास्तु के बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

बाजारों के लिए क्या है अच्छा संकेत?

अनिल सिंघवी के मुताबिक, बाजार की एक आदत है. ज्यादा दिन चुप नहीं बैठ सकता और ज्यादा दिन उछल-कूद भी नहीं करेगा. इसलिए ही बाजार में जब वॉलैटिलिटी ज्यादा होती तो थक जाते हैं. ऐसे ही जब रेंज बाउंड होता है तो फिर रेंज से बाहर निकलते हैं. अमेरिकी बाजारों में अभी वॉलैटिलिटी है. हमारे बाजारों में भी हल्की है. लेकिन, खास बात यह है कि जो भी वॉलैटिलिटी है वो इंट्राडे है. ओवरनाइट काफी कम है. ये बाजारों के लिए अच्छा संकेत है. जो पहले एक्स्ट्रीम वॉलैटिलिटी देख रहे थे, वो अब कम हो रहा है. वॉलैटिलिटी कम होना बाजार के लिए अच्छा संकेत है.

rgyan app

कैसे आती है वॉलैटिलिटी?

अनिल सिंघवी का मानना है बाजार में उतार-चढ़ाव कब घटेगा कब बढ़ेगा ये आप डेटा से और बाजार के मूड से डिसाइड कर सकते हैं. सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव तब दिखता है जब बाजार बड़े गैप के साथ खुलते हैं. पिछले दिन की क्लोजिंग से सही अंदाजा नहीं लगा पाने से वॉलैटिलिटी बढ़ती है. पहली वॉलैटिलिटी ओपनिंग से आती है. दूसरी वॉलैटिलिटी दिन के दौरान आप किस रेंज में ट्रेड कर रहे हैं तब आती है. एक्स्ट्रीम वॉलैटिलिटी कम होते देखने को बाद आपको अगले हफ्ते थोड़ी सुस्ती नजर आए है.

मंथली एक्सपायरी का रिस्क

अनिल सिंघवी के मुताबिक, वॉलैटिलिटी बढ़ने का रिस्क एक ही है मंथली एक्सपायरी. अगले हफ्ते गुरुवार को मंथली एक्सपायरी है. मंथली एक्सपायरी में डेटा भरपूर मिलता है. जब डेटा हाथ में होता है तो बाजार को समझने में अंदाजा लगाने में मजा आता है. क्योंकि, डेटा को मैनिपुलेट करना आसान काम नहीं है. न्यूज भी एक लिमिट से ज्यादा डेटा को बदल नहीं सकती. डेटा अगर हैवी है तो न्यूज का असर कम होता है. अगर मंथली एक्सपायरी को छोड़ दें तो वॉलैटिलिटी बढ़ने के संकेत कम हैं. रिस्क बॉर्डर पर तनाव को लेकर है. बाकी मार्केट धीरे-धीरे सेटल होने की कोशिश कर रहे हैं. अनिल सिंघवी ने कहा पिछले 7-8 दिन की रेंज देखें तो बैंक निफ्टी 22100-22500 की रेंज में बंद हो रहा है. वहीं निफ्टी 11400-11550 की रेंज में कारोबार करता नजर आया है. इस रेंज को तोड़कर बाजार कोई बड़ा मूव देता हुआ दिख नहीं रहा है. ओवरऑल मार्केट मजेदार है. और अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here