शरीर पर 1 हजार आंखें, वजह ऐसी देवता भी हो गए लज्जित

पुराण कथा, इंद्र की एक हजार आंखें

मनुष्य के शरीर पर सामान्य रूप से दो आंखें होती हैं। भगवान शिव के भी तीन नेत्र हैं लेकिन किसी के शरीर पर 1 हजार आंखें हो जाएं तो इसे क्या कहेंगे। सुनकर आप हैरान हो सकते हैं और अपको अविश्वसनीय भी लग सकता है। लेकिन ब्रह्मवैवर्त पुराण में एक ऐसी कथा मिलती है जिसमें बताया गया है कि देवराज इंद्र के शरीर पर एक भूल कारण 1 हजार आंखें नजर आने लगीं।

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देवराज इंद्र हुए कामुक, बनाने लगे योजना

कथा के अनुसार एक बार देवराज इंद्र आकाश मार्ग से गुजर रहे थे। रास्ते में इनकी नजर गौतम ऋषि के आश्रम पर गई। आश्रम के पास इंद्र ने एक युवती को देखा। यह सुंदर युवती गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या थीं जिन्हें जीवनभर नवयौवना बने रहने का वरदान प्राप्त था। इनकी सुंदरता को देखकर अप्सराओं के बीच रहने वाले इंद्र भी कामुक हो गए और उसे पाने के लिए योजना बनाने लगे।

इंद्र ने किया चंद्रमा को साजिश में  शामिल

एक रात इंद्र ने चंद्रमा को अपनी साजिश में शामिल कर लिया। चंद्रमा मुर्गा बनकर आधी रात को बांग देने लगा। इससे गौतम ऋषि को लगा कि सुबह होने वाली है। ऋषि स्नान के लिए कुटिया से निकल गए। कुटिया के ओट में छिपे इंद्र गौतम ऋषि के जाते ही गौतम ऋषि का वेष बनाकर कुटिया में प्रवेश कर गए। अहिल्या को पहले तो गौतम ऋषि बने इंद्र पर शक हुआ लेकिन इंद्र के छलावे में वह धोखा खा गईं।

गौतम ऋषि ने देखा हाल, क्रोध से हुए बेहाल

गौतम ऋषि को भी नदी पर जाते हुए अहसास हुआ कि शायद अभी रात बाकी है और वह बीच रास्ते से ही कुटिया की ओर लौट चले। कुटिया पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि कोई पुरुष उनके वेष में कुटिया से निकल रहा है। गौतम ऋषि क्रोधित हो गए और उन्होंने अहिल्या की कोई बात सुने बिना उन्हें शिला बन जाने का शाप दे दिया और कहा कि जब तक भगवान राम के चरण तुम पर नहीं पड़ेंगे तुम शिला बनकर यहीं रहो। ऋषि गौतम इंद्र को भी पहचान चुके थे इसलिए उन्होंने इंद्र को भी शाप दे दिया।

पूरे शरीर पर आखें

गौतम ऋषि ने कहा कि हे देवराज तुम योनी की चाहत में अपने धर्म से भ्रष्ट हुए हो इसलिए तुम्हारे शरीर पर 1 हजार योनी निकल आएंगे। गौतम ऋषि के शाप से इंद्र के पूरे शरीर पर योनी उभर आए। इंद्र अपनी इस दशा से बड़े लज्जित हुए। इन्होंने गौतम ऋषि से क्षमा याचना की लेकिन उन्हें क्षमा नहीं मिली। इसके बाद देवराज इंद्र ने भगवान सूर्य की तपस्या की। सूर्यदेव ने इंद्र से कहा कि तुमने पाप कर्म किया है इसलिए इसका दंड तो तुम्हें भोगना ही होगा लेकिन मैं इतना कर सकता हूं कि तुम्हारे शरीर पर नजर आने वाली योनियां अब नेत्र में बदल जाएंगी। इसके बाद इंद्र के शरीर पर मौजूद योनी आंखों में बदल गईं। इसलिए कहा जाता है कि इंद्र की हजार आंखें हैं जो उनके दुष्कर्म और धर्म भ्रष्ट होने की कहानी कहते हैं।