13 फरवरी को सूर्य मकर से कुंभ राशि में करेगा प्रवेश, इन राशियों के खुलेंगे किस्मत के दरवाजे

फाल्गुन कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और गुरुवार का दिन है। 13 फरवरी यानी गुरुवार की दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर सूर्यदेव मकर राशि से निकल कर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और लगभग एक महीने यानि 14 मार्च की दोपहर पहले 11 बजकर 53 मिनट तक यहीं पर रहेंगे। पौराणिक ग्रंथों में सूर्य देव समस्त जीव-जगत के आत्मा स्वरूप हैं। इसके द्वारा व्यक्ति को जीवन, ऊर्जा एवं बल की प्राप्ति होती है। सूर्य देव जब किसी राशि से निकल कर दूसरी राशि में प्रवेश करते है, तो वह धार्मिक कार्यों के लिए बहुत ही शुभ समय होता है। इस दौरान लोग आत्म शांति के लिए धार्मिक कार्यों का आयोजन कराते हैं तथा सूर्य की उपासना करते हैं। 

वही अगर कुंभ राशि की बात  करें, तो यह ग्यारहवीं राशि है और इसका स्वामी शनि देव है। कुंभ राशि का तत्व वायु है और प्रतीक चिह्न घड़ा है। कुंभ एक संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ कलश यानि घड़ा होता है। इस राशि का गुण है इसकी स्थिरता, जिसके चलते इस राशि के जातकों की इच्छाशक्ति प्रबल होती है। यदि इनकी नज़रों में कोई बात सही है तो ये उसे सही ठहराने में अंतिम क्षणों तक लड़ने के लिए तैयार रहते हैं। इनकी दूर की दृष्टि पैनी होती है तथा ये लोगों का मार्गदर्शन करते रहते हैं । कुंभ राशि के जातक अपने दोस्तों का बहुत ख्याल रखने वाले, मनावतावादी प्रवृति के, प्रगतिशील, मिलनसार और बहुत अधिक परिश्रमी होते है।

किसी भी संक्रांति में उसके पुण्यकाल का बहुत महत्व होता है और सूर्य की कुंभ संक्रांति के दौरान गोदावरी नदी में स्नान, अन्न दान व गौ दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस संक्रांति का पुण्यकाल सूर्योदय से लेकर दोपहर 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। आप इस समय के बीच स्नान-दान का पूरा लाभ उठा सकते हैं।

सूर्य के इस गोचर से विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव और उसके उपाय के बारे में जानें आचार्य इंदु प्रकाश से। 

मेष राशि 
सूर्यदेव आपके जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में ग्यारहवें स्थान का संबंध आमदनी और कामना पूर्ति से है। सूर्य के इस गोचर से मेहनत के बल पर आपकी आमदनी में बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी। आपको धन लाभ के अवसर मिलेंगे। साथ ही बहुत दिनों से अधूरी पड़ी आपकी कोई इच्छा पूरी होगी। अतः 14 मार्च तक सूर्यदेव के शुभ फलों को सुनिश्चित करने के लिए रात के समय अपने सिराहने पर 5 बादाम रखकर सोएं और अगले दिन सुबह उठकर उन्हें किसी मंदिर में दान कर दें। इससे आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी और आपके सभी काम मन मुताबिक पूरे होंगे। 

वृष राशि 
सूर्यदेव आपके जन्मपत्रिका के दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में दसवें स्थान का संबंध राज्य और पिता से है। सूर्य के इस गोचर से आपको राज्य से लाभ मिलेगा, यानी आपको करियर में खूब सफलता मिलेगी। साथ ही आपके पिता को भी अपने काम में उन्नति मिलेगी। अतः अपने साथ-साथ अपने पिता के जीवन में तरक्की सुनिश्चित करने के लिये  आज से 14 मार्च तक घर से बाहर निकलते समय सिर ढक्कर जाएं। आप सिर पर सफेद रंग की टोपी या पगड़ी पहन सकते हैं। इससे आपकी और आपके पिता की तरक्की सुनिश्चित होगी।

मिथुन राशि 
सूर्यदेव आपके नवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में नवें स्थान का संबंध आपके भाग्य से है। सूर्यदेव के इस गोचर से आपको अपने भाग्य का साथ मिलेगा। आप 14 मार्च तक जो भी काम करेंगे, वो समय पर पूरा जरूर होगा। साथ ही आपको अपने काम में संतुष्टि मिलेगी। अतः 14 मार्च तक भाग्य का साथ बनाये रखने के लिये घर में पीतल के बर्तन का उपयोग करें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि 14 मार्च तक किसी को भी पीतल की कोई चीज़ न दें।

कर्क राशि 
सूर्यदेव आपके आठवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में आठवें स्थान का संबंध स्वास्थ्य से है। सूर्यदेव के इस गोचर से आपको स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां आ सकती हैं। आपको 14 मार्च तक अपनी सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत है। अतः 14 मार्च तक सूर्यदेव की कृपा से अपना स्वास्थ्य बेहतर बनाये रखने के लिये आपको काली गाय की सेवा करनी चाहिए। साथ ही जब भी मौका मिले, बड़े भाई की मदद भी जरूर करें। इससे आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा ।

सिंह राशि 
सूर्यदेव आपके सातवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में सातवें स्थान का संबंध जीवनसाथी से है। सूर्यदेव के इस गोचर से आपको जीवनसाथी का साथ पाने में थोड़ी मेहनत करने की जरूरत पड़ सकती है। आपको अपने जीवनसाथी से रिश्तों को अच्छा बनाये रखने के लिये खुद से कोशिशें करनी होंगी। इस दौरान आपको अपने जीवनसाथी से कोई भी ऐसी बात कहने से बचना चाहिए, जो उन्हें बुरी लग सकती है। साथ ही 14 मार्च तक जीवनसाथी के साथ अच्छे संबंध बनाये रखने के लिये अपने भोजन में से एक हिस्सा निकालकर किसी जरुरतमंद को खिलाएं। इससे आपके दाम्पत्य जीवन में प्यार बरकरार रहेगा ।

कन्या राशि 
सूर्यदेव आपके छठे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में छठे स्थान का संबंध मित्रों से है। सूर्यदेव के इस गोचर से आपके दोस्तों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। आपके दोस्त आपकी हर संभव मदद के लिये तैयार रहेंगे। दूसरे लोग खुद आकर आपसे जुड़ना चाहेंगे। अतः 14 मार्च तक दोस्तों के साथ अच्छे संबंध बनाये रखने के लिये मंदिर में बाजरा दान करें। इससे आपके जीवन में मित्रों का सहयोग बना रहेगा।

तुला राशि 
सूर्यदेव आपके पाचवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में पाचवें स्थान का संबंध विद्या, गुरु, विवेक, संतान और रोमांस से है। सूर्यदेव के इस गोचर के प्रभाव से पढ़ाई से आपका ध्यान थोड़ा हट सकता है। आपको अपनी पढ़ाई पर गौर करने की जरूरत है। आपको अपने गुरु से अच्छे संबंध बनाये रखने चाहिए। साथ ही संतान के साथ संबंधों पर भी आपको गौर करने की जरूरत है। 14 मार्च तक रोमांस के मामलों में आप कुछ पिछड़ सकते हैं। अतः 14 मार्च तक हर तरह से अपनी स्थिति को बेहतर करने के लिये छोटे बच्चों को कुछ गिफ्ट करें। इससे आपके साथ सब बेहतर होगा।

वृश्चिक राशि 
सूर्यदेव आपके चौथे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में चौथे स्थान का संबंध माता, भूमि, भवन और वाहन से है। सूर्यदेव के इस गोचर से आपको जीवन में माता का सहयोग मिलेगा। साथ ही भूमि, भवन और वाहन का लाभ मिलेगा। अतः 14 मार्च तक जीवन में इस लाभ को बनाये रखने के लिये मन्दिर में गुड़ का दान करें। इससे आपके जीवन में हर तरह का लाभ बना रहेगा।

धनु राशि 
सूर्यदेव आपके तीसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में तीसरे स्थान का संबंध भाई-बहनों और अभिव्यक्ति से है। सूर्यदेव के इस गोचर से आपको भाई-बहनों का
पूरा साथ मिलेगा। साथ ही आप दूसरों के सामने अपनी बातों को अच्छे से अभिव्यक्त कर पायेंगे। अतः 14 मार्च तक भाई-बहनों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने के लिये और अपनी अभिव्यक्ति को बनाये रखने के लिये  आपको सूर्यदेव के इस मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है – ‘ऊँ घृणिः सूर्याय नमः।‘ ऐसा करने से भाई-बहनों के साथ आपके संबंध अच्छे बने रहेंगे। साथ ही आप दूसरों के सामने अपनी बातों को अच्छी तरह से प्रेजेन्ट कर पायेंगे।

मकर राशि 
सूर्यदेव आपके दूसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में दूसरे स्थान का संबंध धन से है, आपकी आर्थिक स्थिति से है। सूर्यदेव के इस गोचर से आपको आर्थिक रूप से लाभ पाने के लिये थोड़ी अधिक कोशिश करनी पड़ सकती है। साथ ही किसी से पैसों का लेन-देन करते समय अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। इसके अलावा 14 मार्च तक सूर्यदेव के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको मन्दिर में नारियल तेल की शीशी दान करनी चाहिए। इससे आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी।

कुंभ राशि 
सूर्यदेव आपके पहले स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में पहले स्थान का संबंध आपके शरीर से, आपके प्रेम-संबंधों से और आपके मान-सम्मान से है। सूर्यदेव के इस गोचर से 14 मार्च तक आप शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। आपके प्रेम-संबंध मजबूत होंगे। साथ ही आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा 14 मार्च तक आपकी संतान को कोर्ट-कचहरी के कामों में सफलता मिलेगी। अतः 14 मार्च तक सूर्य की इन शुभ स्थितियों को जीवन में बनाये रखने के लिये  आपको सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए।  इससे आपके जीवन में शुभ स्थिति बनी रहेगी।

मीन राशि 
सूर्यदेव आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में बारहवें स्थान का संबंध शैय्या सुख और व्यय से है। सूर्यदेव के इस गोचर से आपको शैय्या सुख का लाभ मिलेगा, लेकिन साथ ही आपके कुछ खर्चे भी बढ़ सकते हैं। आपको बिना जरूरत की चीज़ों पर पैसे खर्च करने से बचना चाहिए। साथ ही सूर्य के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये आपको धार्मिक कार्यों में सहयोग देना चाहिए। साथ ही सुबह के समय अपने घर केखिड़की, दरवाजें खोलकर रखें, ताकि सूर्यदेव की ऊर्जा घर के अन्दर आ सके। ऐसा करने से आपको शैय्या सुख का लाभ मिलेगा। साथ ही आपके खर्चों पर भी कंट्रोल रहेगा