कुंवारे लड़के इस मंदिर से माता पार्वती की मूर्ति चुरा ले जाते हैं, इसकी वजह भी गजब है

माता पार्वती की मूर्ति चुराने का अजब कारण

भारत में अनेक प्रकार की रीति रिवाज, परंपरा और मान्यताएं हैं। लेकिन राजस्थान में एक ऐसी मान्यता है कि जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। आज हम आपको एक ऐसी परंपरा के बारे में बताते हैं जिसमें शादी के लिए लोग मंदिर से मूर्ति की चोरी करते हैं। मान्यता है कि जिन लड़कों की शादी में कोई परेशानी आ रही है या फिर कुंडली दोष है तो वह मंदिर से माता पार्वती की मूर्ति चुरा ले जाए तो उनकी शादी हो जाती है। कमाल की बात तो यह है कि मूर्ति चोरी होने पर कोई पुलिस केस भी नहीं होता है। आइए जानते हैं इस मंदिर और परंपरा के बारे में…

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हो जाती है जल्द शादी

यह अनोखा मंदिर राजस्थान के बूंदी जिले के हिंडोली कस्बे में स्थित है। यहां रामसागर झील किनारे रघुनाथ घाट मंदिर से अगर कोई कुंवारा लड़का माता पार्वती की मूर्ति चुरा ले जाए तो उसकी शादी जल्द हो जाती है।

महीनों गायब रहती हैं माता पार्वती

यही कारण है कि कुंवारे लड़के रात में चुपचाप मूर्ति उठा ले जाते हैं। इसी कारण शिव मंदिर में रहते हैं और माता पार्वती महीने भर तक गायब रहती हैं। सालभर में मुश्किल से एक महीने के लिए मूर्ति मंदिर में रहती है।

ऐसे समय में भी ले गए मूर्ति

आपको जानकर हैरानी होगी लॉकडाउन के समय में भी किसी ने मूर्ति को चुरा लिया है। कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के चलते इस बार अक्षय तृतीया जैसे मुहूर्त पर भी शादियां नहीं हुईं। अगर लॉकडाउन नहीं टूटा तो शादियां भी नहीं होंगी और जुलाई से चार महीने के लिए देव सो जाएंगे।

सालभर होती रहती है मूर्ति चोरी

इस स्थिति में उम्मीद कम ही है कि महादेव के पास माता पार्वती वापस आ पाएंगी। स्थानिय पुजारी ने बताया है कि इस मंदिर में सालभर ऐसा होता रहता है। बहुत ही कम समय होता है कि मंदिर में शिव और पार्वती एकसाथ दर्शन देते हैं।

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नहीं होती पुलिस शिकायत

पुजारी ने बताया है कि 35 साल में ऐसा 15 से 20 बार हो चुका है। चुराई हुई मूर्ति महीनों तक छिपाकर रख देते हैं और संयोग यह है कि सभी चुराने वाले कुंवारों की शादियों भी हो चुकी हैं। साथ ही इस परंपरा के तहत कोई भी पुलिस से शिकायत दर्ज नहीं करता।

इस बार करना पड़ सकता है इंतजार

मंदिर में मूर्ति चुराने का कार्य अधिकतर रात के समय अंधेरे में किया जाता है। शादी के बाद जब मूर्ति वापस मंदिर में आ जाती है, उसके बाद कोई दुसरा कुंवारा लड़का मूर्ति को चुरा ले जाता है। कतार में लगे कुंवारों को इस बार लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।