UTI AMC IPO से इस हफ्ते कमाई का शानदार मौका, निवेश से पहले जान लें जरूरी बातें

कुल AUM के मामले में देश की दूसरी सबसे बड़ी एसेट मैनेजटमेंट कंपनी UTI AMC इस सप्ताह अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO – Initial Public Offering) ला रही है. यह कंपनी म्चूचुअल फंड्स ​औसत तिमाही एयूएम (QAAUM) के मामले में 8वीं सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है. UTI AMC की शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर होंगे. यह आईपीओ 29 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा जोकि अगले 3 तक के लिए होगा. एनलिस्ट्स का मानना है कि इस आईपीओ में निवेशक जबरदस्त तरीके से ​रुचि दिखाएंगे. UTI AMC 552-554 रुपये के प्राइस बैंड के साथ 3.8 करोड़ रुपये शेयर जारी करेगी. आइए जाे ठाणे में Covid-19.

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क्या है लॉट साइज और लिस्टिंग डेट?

UTI AMC के लिए बिड साइज या लॉट साइज 27 इक्विटी शेयर्स का होगा. निवेशक इसी के मल्टीपल में निवेश कर सकते हैं. 7 अक्टूबर 2020 तक इसके एलोकेशन के फाइनल होने की संभावना है. इसके बाद 12 अक्टूबर को UTI AMC के शेयर्स लिस्ट हो जाएंगे.

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आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक, UTI AMC के डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड QAAUM कुछ ही स्कीम्स तक सीमित है. 30 जून 2020 तक UTI AMC के टॉप 6 एक्टिव इक्विटी फंड्स ही कुल QAAUM का करीब 75.3 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं. जबकि, टॉप 6 पैसिव इक्विटी फंड्स में यह हिस्सेदारी करीब 98.7 फीसदी है.

क्या है एनलिस्ट्स का कहना?

कुछ एनलिस्ट्स का मानना है कि यह इश्यू आकर्षक प्राइस पर है. बीते कुछ सालों में UTI AMC ने बेहतर रिटर्न और प्रॉफिट मार्जिन दिया है. HDFC की 29 फीसदी की तुलना में UTI AMC का Mcap to Equity QAAUM करीब 18 फीसदी रहा है. इसके अतिरिक्त, 2020 में ही कंपनी ने 728 रुपये प्रति शेयर के भाव से ESOPs का अनुदान दिया है. इसका प्राइस बैंक 552-554 रुपये प्रति शेयर के बीच है. इसका मतलब है कि निवेशकों के पास लिस्टिंग से कमाई करने के लिए ज्यादा पैसा होगा.

UTI AMC ​में निवेश करने से पहले जानने वाली जरूरी बातें:

  1. UTI AMC IPO में 20 सितंबर से सब्सक्रिप्शन खुल जाएगा और यह 1 अक्टूबर तक खुला रहेगा. इस आईपीओ के जरिए कंपनी करीब 2,160 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. इश्यू के बाद प्रोमोटर्स की हिस्सेदारी 100 फीसदी से घटकर 69.2 फीसदी हो जाएगी.
  2. UTI AMC आईपीओ में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ओर टी रो प्राइस इंटरनेशनल जैसे शेयरहोल्डर्स इस AMC में अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे. SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा और LIC 8.25% हिस्सेदारी वापस ले लेंगे. जबकि, PNB और T Rowe 3% तक अपनी हिस्सेदारी घटाएंगे.
  3. प्रस्तावित प्लान के मुताबिक, SBI, LIC, बैंक ऑफ बड़ौदा और PNB प्रत्येक पास 18.24 फीसदी हिस्सेदारी होगी. जबकि, T Rowe के पास UTI AMC में 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी.
  4. UTI म्यूचुअल फंड कुल 153 म्यूचुअल फंड स्कीम्स को मैनेज करती है, जिसमें इक्विटी, हाइब्रिड, इनकम, लिक्विड और मनी मार्केट फंड्स हैं. इनकी औसत तिमाही एसेट अंडर मैनेजमेंट वैल्यू करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये है. यह आंकड़ा जून 2020 तक का है. और अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

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