UP Election 2022: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले चर्चा में ये 4 तस्वीरें, कई सियासी समीकरण कर रहीं साफ

उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) होने वाले हैं. चुनाव का वक्त नजदीक आने के साथ ही सियासी समीकरण बनने-बिगड़ने का दौर भी जारी है. यूपी के तमाम राजनीतिक दलों में कुछ नए चेहरे जुड़ रहे हैं तो कुछ पुराने चेहरे साथ छोड़ रहे हैं. इस बीच नए गठबंधनों को लेकर भी मेल मुलाकात का दौर चल रहा है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती (Mayawati) तक सभी वोटरों को लुभाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. इस बीच यूपी की सियासत में कुछ तस्वीरों ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं. राजनीतिक विश्लेषक भी इन तस्वीरों का अपने-अपने हिसाब से मायने निकाल रहे हैं.

‘बदलाव की ओर’ अखिलेश और जयंत के ‘बढ़ते कदम’

इस बीच समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच गठबंधन को लेकर भी दोनों पार्टियों में मंथन चल रहा है. रालोद के प्रमुख जयंत चौधरी ने मंगलवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से अखिलेश यादव के साथ तस्वीर शेयर की और लिखा, ‘बढ़ते कदम’ वहीं सपा अध्यक्ष ने जयंत के साथ अपनी तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘जयंत चौधरी के साथ बदलाव की ओर.’

खबर है कि दोनों पार्टियां जल्द ही गठबंधन का ऐलान कर सकती है. बस कुछ सीटों को लेकर समझौता फंसा हुआ है. अखिलेश यादव भी इस बारे में पहले ही कह चुके हैं कि रालोद के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन तय है और बस सीट बंटवारे पर चर्चा की जानी बाकी है.

अखिलेश और जयंत के बीच मंगलवार को हुई मुलाकात को इसी कड़ी में देखा जा रहा है और उनकी तस्वीरों से स्पष्ट है गठबंधन का ऐलान बस कुछ ही दिन दूर है.

मुलायम का कवि कुमार पर विश्वास

वहीं एक और तस्वीर जो मंगलवार शाम से चर्चा बटोर रही है, वह है समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और कवि कुमार विश्वास की. ये दोनों लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सपा नेता रामगोपाल यादव की पुस्तक ‘राजनीति के उस पार’ के विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान मुलायम अपने बगल में बैठे कुमार विश्वास के कानों में कुछ कहते नजर आए.

खबर है कि मुलायम सिंह ने कुमार विश्वास को सपा में शामिल होने का न्योता दिया है. हालांकि इस पर विश्वास की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. उन्होंने मंच से बस इतना कहा कि वह अब किसी पार्टी में नहीं हैं. यह सबकुछ जब हो रहा था तब अखिलेश यादव भी वहीं मंच पर मौजूद थे.

तृणमूल की कोशिशें

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए एक के बाद एक कई नेताओं को तृणमूल कांग्रेस में शामिल करवा रही हैं. इसी कड़ी कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर और जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व महासचिव पवन वर्मा मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. इसके अलावा प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर और किसी वक्त बीजेपी के बड़े नेता में शुमार सुधींद्र कुलकर्णी ने भी दिल्ली में ममता बनर्जी से मुलाकात की, जिसके बाद इन दोनों के भी टीएमसी में शामिल होने के कयास लगने लगे.

ममता बनर्जी पहले ही ममता बनर्जी यूपी चुनाव में उतरने का ऐलान कर चुकी हैं और पिछले महीने यूपी कांग्रेस के बड़े चेहरे ललितेश पति त्रिपाठी को टीएमसी में शामिल करके अपनी रणनीति भी स्पष्ट कर चुकी हैं. खबर है कि त्रिपाठी को पार्टी का अगुआ बना सकती है, वहीं मंगलवार को शामिल हुए इन तीनों नेताओं का भले ही यूपी की सियासत से कोई सीधा नाता न हो, लेकिन चुनाव प्रचार में पार्टी इनका जोरशोर से इस्तेमाल कर सकती है. यहां ममता बनर्जी की कोशिश यही दिखाने की होगी कि बीजेपी के खिलाफ वही विपक्षी एकता का चेहरा बन सकती हैं.

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सीएम योगी और पीएम मोदी निकल पड़े हैं प्रण करके

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले जिस तस्वीर की सबसे ज्यादा चर्चा हुई, वह है पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तस्वीर की. यह त

स्वीर सीएम योगी के ट्विटर हैंडल पर शेयर की गई, जिसमें पीएम मोदी अपना हाथ मुख्यमंत्री के कंधे पर रखे नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही इसमें लिखा गया है, ‘हम निकल पड़े हैं प्रण करके, अपना तन-मन अर्पण करके, जिद है एक सूर्य उगाना है, अम्बर से ऊँचा जाना है, एक भारत नया बनाना है.’

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह तस्वीर बीजेपी की चुनाव रणनीति को लेकर एक साथ कई बातें साफ करती है. इस तस्वीर से एक बात जो स्षष्ट हो रही है कि यूपी चुनाव में बीजेपी का चेहरा कौन होगा. इससे यह भी साफ हो गया कि बीजेपी मोदी-योगी की जोड़ी के सहारे ही आगामी चुनाव में उतरेगी.

बता दें कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के चुनावों में बीजेपी ने 403 सदस्यीय विधानसभा में 312 सीटें जीती थीं, जबकि उसके सहयोगी अपना दल ने नौ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने चार सीटें जीती थीं. वहीं अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने 47, मायावती की बहुजन समाज पार्टी-19 और कांग्रेस ने 7 सीटें जीती थी. इसके अलावा आरएलडी को एक, निषाद पार्टी को 1 और तीन सीटों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की थी. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतindia.news18.com
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