Sankashti Chaturthi: विकट संकष्टी चतुर्थी आज, सुख-समृद्धि के लिए करें श्री गणेश की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय

आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत का पारण चतुर्थी तिथि में चंद्रोदय के बाद ही किया जाता है और चतुर्थी तिथि में चंद्रमा आज ही दिखेगा | लिहाजा आज ही संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत किया जायेगा। वैशाख की गणेश चतुर्थी का काफी अधिक महत्व होता है। इसे विकट संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है

astrologi report

चतुर्थी तिथि का अधिष्ठाता भगवान गणेश है | संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत के दिन विघ्नविनाशक, संकटनाशक, प्रथम पूज्नीय श्री गणेश भगवान के लिये व्रत किया जाता है | भगवान गणेश बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य को देने वाले हैं | इनकी उपासना शीघ्र फलदायी मानी गयी है | यह व्रत सुबह से लेकर शाम को चन्द्रोदय तक रखा जाता है, उसके बाद व्रत का पारण कर लिया जाता है |

विकट संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त

चन्द्रोदय का समय – रात 10 बजकर 48 मिनट

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – 29 अप्रैल 2021 को रात 10: बजकर 09 मिनट बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त – 30 अप्रैल 2021 को शाम 07 बजकर 09 मिनट तक

विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों ने निवृत्त होकर स्नान करे। इसके बाद गणपति का ध्यान करे। इसके बाद एक चौकी पर साफ पीले रंग का कपड़ा बिछाएं इस कपड़े के ऊपर भगवान गणेश की मूर्ति रखें। अब गंगा जल छिड़कें और पूरे स्थान को पवित्र करें। इसके बाद गणपति को फूल की मदद से जल अर्पण करें। इसके बाद रोली, अक्षत और चांदी की वर्क लगाए। इसके बाद लाल रंग का पुष्प, जनेऊ, दूब, पान में सुपारी, लौंग, इलायची और कोई मिठाई रखकर चढ़ाए। इसके बाद नारियल और भोग में मोदक अर्पित करें। । गणेश जी को दक्षिणा अर्पित कर उन्हें 21 लड्डूओं का भोग लगाएं। सभी सामग्री चढ़ाने के बाद धूप, दीप और अगरबत्‍ती से भगवान गणेश की आरती करें। इसके बाद इस मंत्र का जाप करें।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

या फिर

ॐ श्री गं गणपतये नम: का जाप करें।

अंत में चंद्रमा को दिए हुए मुहूर्त में अर्घ्य देकर अपने व्रत को पूर्ण करें

गणेश चतुर्थी के दिन करें ये खास उपाय

rgyan app

आज गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए इन उपायों को अवश्य करे।

अगर काफी दिनों से आपकी मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं चल रही है तो आज भगवान श्री गणेश के आगे घी का एक दीपक जलाकर, विधि-पूर्वक उनकी पूजा करें । साथ ही श्री गणेश के मंत्र का 108 बार जाप करें । मंत्र इस प्रकार है- ऊँ गं गणपतये नमः।
अगर आपकी सेहत में लगातार उतार-चढ़ाव बने रहते हैं, जिसके चलते आप थोड़े परेशान रहते हैं और अपने काम समय पर नहीं कर पाते, तो आज पांच हल्दी की गांठ लेकर भगवान श्री गणेश के सामने रखें और उनकी विधि-पूर्वक पूजा करें। पूजा समाप्त होने के बाद उन हल्दी की गाठों को किसी चीज़ में बांधकर अपने कपड़ों की अलमारी में रख दें।
अगर आपको पढ़ाई में किसी प्रकार की परेशानी आ रही है, तो आज भगवान गणेश को लाल रंग के पुष्प अर्पित करें | साथ ही एक लाल रंग का कलावा लेकर भगवान के चरणों में रख दें और उनका आशीर्वाद लें |
अगर आपको नौकरी मिलने में किसी प्रकार की परेशानी आ रही है या किसी कारणवश आपका इंटरव्यू क्लीयर नहीं हो पा रहा है, तो आज आप एक कच्चे सूत का लंबा-सा धागा लें और उसे गणेश जी के आगे रखकर “श्री गणेशाय नमः” मंत्र का 11 बार जप करें | मंत्र जप करने के बाद भगवान का आशीर्वाद लेकर उस धागे में सात गांठे बांधकर अपने पास रख लें |
अगर ऑफिस में आपकी किसी से ज्यादा नहीं बनती और आपको अपने उच्च अधिकारियों की नाराजगी भी सहनी पड़ती है, तो आज आपको स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनकर श्री गणेश के इस मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए | मंत्र इस प्रकार है ऊँ ह्रीं ग्रीं ह्रीं
अगर आप अपने आपको तंदरुस्त बनाये रखना चाहते हैं, तो आज आप स्नान आदि के बाद भगवान गणेश की विधि-पूर्वक पूजा-अर्चना करें | साथ ही एक पान का पत्ता लेकर, उस पर सुपारी का जोड़ा रखकर भगवान को अर्पित कर दें।
अगर आपकी कोई खास इच्छा है, जो बहुत दिनों से किसी न किसी काम के चक्कर में पूरी नहीं हो पा रही है, तो अपनी इच्छा पूरी करने के लिये आज दो बेसन के लड्डू, थोड़े-से तिल, चावल, मेवा और कोई एक फल अलग-अलग पांच पोटली में बांध लीजिये। अब भगवान गणेश के मन्दिर जाएं और वहां जाकर, उनके निमित्त मंत्र जाप करें और मंत्र जाप करते हुए सारी चीज़ों को एक-एक करके भगवान को अर्पित करें। मंत्र है- ‘श्री गणेशाय नमः।‘ एक चीज़ चढ़ायें और मंत्र बोलें- ‘श्री गणेशाय नमः।‘ इसी प्रकार बाकी की चीज़ें भी मंत्र बोलते हुए एक-एक करके चढ़ाते जायें।
अगर आप अपने घर की तिजोरियों को भरना चाहते हैं, तो आज स्नान आदि के बाद ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व दिशा को अच्छे से साफ करके वहां एक लकड़ी की चौकी बिछाएं । अब थोड़े-से अक्षत, यानी चावल लीजिये और उन चावलों से उस लकड़ी की चौकी पर श्री गणेश की आकृति बनाएं । अब चौकी के ऊपर अक्षत से बने भगवान श्री गणेश की विधि-पूर्वक पूजा करें और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करें। पूजा के 20 मिनट बाद चौकी पर रखे उन चावलों को एक कपड़े मे बांधकर अपनी तिजोरी में रख लें। अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतwww.indiatv.in
पिछला लेखलव राशिफल 30 अप्रैल 2021: आपके प्रेम और वैवाहिक जीवन के लिए कैसा रहेगा दिन
अगला लेखVastu Tips: ड्राइंग रूम में इस दिशा में रखें अलमारी, टीवी सहित ये चीजें, मिलेगा शुभ फल