Vinayak Chaturthi 2022: विनायक चतुर्थी पर बना है सर्वार्थ सिद्धि योग, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी व्रत 03 मई दिन शुक्रवार को है. यह जून की पहली विनायक चतुर्थी व्रत है. इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 05:23 बजे से लेकर शाम 07:05 बजे तक है. इस योग में गणेश जी की पूजा करने से कार्यों में सफलता प्राप्त होगी और जिस मोनकामना से व्रत रखेंगे, वह मनोकामना भी आपकी पूर्ण होगी. सर्वार्थ सिद्धि योग का यही महत्व है.

विनायक चतुर्थी 2022 मुहूर्त

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरूआत: 02 जून, गुरुवार, देर रात 12:17 बजे
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की समाप्ति: 03 जून, शुक्रवार, देर रात 02:41 बजे
गणेश पूजा का शुभ समय: सुबह 10:56 बजे से दोपहर 01:43 बजे तक
वृद्धि योग: प्रात:काल से लेकर अगले दिन 04 जून, शनिवार, प्रात: 03:34 बजे तक
रवि योग: सुबह 05:23 बजे से लेकर शाम 07:05 बजे तक

विनाय​क चतुर्थी व्रत में ध्यान रखने वाली बातें

  1. विनायक चतुर्थी व्रत करने वाले लोगों को व्रत के दिन संभव हो तो लाल रंग का वस्त्र पहनना चाहिए.
  2. व्रत रखने के एक दिन पूर्व से मांस, मदिरा, तामसिक भोजन आदि का त्याग कर देना चाहिए.

3 गणेश जी की पूजा में तुलसी का उपयोग न करें क्यों​कि तुलसी को गणेश जी ने श्राप दिया था.

  1. गणेश जी को कभी भी सूख और बासी फूल न अर्पित करें, ऐसा करने से आर्थिक संकट आता है. उनको पीले और लाल ताजे फूल चढ़ाने चाहिए.
  2. गणेश जी को दूर्वा बहुत पसंह है, इसलिए आप पूजा के समय दूवा की 5, 11 या 21 गांठें गणपति बप्पा को चढ़ा सकते हैं.
  3. गणेश जी को मोदक या बूंदी के लड्डू का भोग लगाना चाहिए.
  4. गणेश जी की पूजा करते समय विनायक चतुर्थी व्रत कथा का पाठ अवश्य पढ़ना चाहिए.
  5. विनायक चतुर्थी वाले दिन चंद्रमा को न देखें, इससे झूठा कलंक लगता है.
स्रोतwww.indiatv.in
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