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इन कारणों से नहीं आती रात में नींद, सुकून से सोने के लिए करें ये काम

Causes of Lack of Sleep: प्रत्येक वर्ष ‘विश्व नींद दिवस’ को एक खास थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है और इस वर्ष की थीम ‘क्वालिटी स्लीप, साउंड माइंड, हैप्पी वर्ल्ड’ (Quality Sleep, Sound Mind, Happy World) है. प्रॉपर नींद संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है, नींद नहीं लेने से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं, इसके प्रति लोगों को इस खास दिवस पर जागरूक किया जाता है. आजकल अधिकतर लोग नींद (Sleep problem) ना आने की समस्या से ग्रस्त रहते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर किसी को प्रतिदिन कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए. रात में प्रॉपर नींद ना लेने से सारा दिन आप थकान, आलस, सुस्ती और उनींदा महसूस करते रहेंगे. कम सोने से संपूर्ण सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है. आइए जानते हैं, नींद किन कारणों (Causes of sleeplessness) से नहीं आती है, भरपूर सोने के क्या फायदे (Benefits of sleep) होते हैं और अच्छी नींद लेने के लिए क्या करें.

नींद ना आने के कारण

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल (नई दिल्ली) की रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. विनी कंट्रू कहती हैं कि नींद ना आने के कई कारण होते हैं. इससे हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत प्रभावित हो सकती है. शारीरिक समस्याओं में थायरॉएड डिसऑर्डर, हाई ब्लड प्रेशर या फिर क्रोनिक पेन के कारण कुछ लोगों को नींद नहीं आती है. यूरिन की समस्या होने पर पुरुषों को नींद नहीं आती है. ऐसे में उन्हें अपना प्रोस्टेट का चेकअप कराना चाहिए. महिलाओं में यूरिन इंफेक्शन, बार-बार पेशाब करने जाना होता है, इससे भी नींद टूटती है. इसके अलावा सांस में दिक्कत होना, सीने में दर्द होना, बहुत ज्यादा रेस्टलेस लेग होना भी कारण होते हैं नींद ना आने के लिए. ‘वर्ल्ड स्लीप डे’ पर लोगों के बीच ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के प्रति जागरूकरता लानी चाहिए. अगर दिन में अधिक नींद आती है, दिन में फ्रेश नहीं महसूस करता है, रात में बार-बार नींद टूटती है, खर्राटे लेने की समस्या है, शारीरिक एक्टिविटी कम है, वजन अधिक है, अचानक रात में स्नोरिंग के दौरान सांस लेने के लिए उठना पड़ता है, ये सभी लक्षण ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के हो सकते हैं. इसका इलाज बेहद जरूरी है.

नींद न आने से होने वाली समस्याएं
डॉ. विनी कंट्रू कहती हैं कि यदि बार-बार आपको नींद नहीं आती और कोनिक रूप से ऐसा होता है, तो हार्ट पर काफी जोर पड़ता है. ऐसे में कंजेस्टिव कार्डियैक फेलियर की संभावना हो सकती है. इससे हाई ब्लड प्रशर, हार्ट अटैक बझड सकता है. मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसे वजन बढ़ना, डायबिटीज, इंसुलिन रेस्सिटेंस होना जैसे समस्याएं हो सकती हैं. यदि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का इलाज समय पर ना मिल तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है, क्योंकि सीओ2 लेवल शरीर के बढ़ जाते हैं. जब किसी को रात में इन तमाम कारणों से नींद नहीं आएगी. तो वह सारा दिन सुस्त, थका हुआ महसूस करेगा. किसी भी काम को सही तरीके से नहीं कर पाएगा. काम में ध्यान लगाने में परेशानी आएगी. आजकल अधिकतर लोग स्ट्रेस, एंग्जायटी से ग्रस्त हैं. यह कई कारणों से हो सकता है. कोविड के कारण भी लोगों में स्ट्रेस या मेंटल समस्याएं बढ़ी हैं.

अच्छी नींद के लिए टिप्स

अपने सोने-जागने के समय को फिक्स करें.
रात में देर तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी ना देखते रहें.
हेल्दी डाइट लें, जिसमें फल, सब्जियां, अनाज शामिल हों.
अपने शरीर के साथ ही दिमाग को भी आराम देना जरूरी है, इसके लिए पर्याप्त नींद लें.
प्रत्येक दिन एक वयस्क को 7-8 घंटे की नींद लेना चाहिए.

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