World Cancer Day 2021: पुरुषों में होता है इन 4 कैंसर का सबसे अधिक खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके

दुनियाभर में 4 फरवरी (4 February) का दिन वर्ल्ड कैंसर डे के रूप में मनाया जाता है. वर्ल्ड कैंसर डे (World Cancer Day 2021) दुनियाभर के लोगों को कैंसर के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है, क्योंकि कैंसर बेहद खतरनाक और गंभीर बीमारी है, जिसके बारे में लोगों को शुरुआती समय में पता नहीं चलता है, क्योंकि अधिकतर लोगों में कैंसर के शुरुआती लक्षण सामने नहीं आते हैं. वर्ल्ड कैंसर डे के मौके पर हम आपको बता रहे हैं, वो 4 घातक कैंसर, जिनका पुरुषों में सबसे ज्यादा खतरा होता है. स्तन, कोलोरेक्टल, फेफड़े, सर्वाइकल, और थायराइड कैंसर महिलाओं में पाए जाने वाले सबसे आम प्रकार के कैंसर हैं. वहीं, पुरुषों में फेफड़े, प्रोस्टेट, कोलोरेक्टल, पेट और लिवर का कैंसर सबसे ज्यादा पाया जाता है.

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ये हैं पुरुषों में सबसे ज्यादा पाए जाने वाले 4 प्रकार के कैंसर

प्रोस्टेट कैंसर

बीते कुछ सालों से प्रोस्टेट कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. यह कैंसर प्रोस्टेट ग्लांड्स के टीश्यूज़ में विकसित होता है और धीरे-धीरे यूरिनरी सिस्टम और इसके फंक्शन में बाधा डालने लगता है. कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि शुरुआती समय में प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण सामने नहीं आते हैं. वहीं इस कैंसर के सामान्य लक्षणों में हड्डियों में दर्द, यूरीन में ब्लड आना, यूरीन करते समय भारीपन महसूस होना आदि शामिल हैं. मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार प्रोस्टेट कैंसर से हेल्दी लाइफस्टाइल और धूम्रपान से दूर रहकर सुरक्षित रहा जा सकता है.

फेफड़ों का कैंसर

धूम्रपान करना फेफड़ों के कैंसर के मुख्य कारणों में से एक है. हालांकि, धूम्रपान न करने वालों को भी यह कैंसर अपनी चपेट में ले सकता है. फेफड़ों का कैंसर सबसे घातक कैंसरों में से एक है और इसके होने की सबसे अधिक संभावना पर्यावरण प्रदूषण, तंबाकू चबाने और खतरनाक कार्सिनोजेनिक यौगिकों के संपर्क में आने से होती है. फेफड़ों के कैंसर के सामान्य लक्षणों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, गला बैठना, सांस लेने में आवाज़ होना, थूक में बदलाव और खांसते समय खून आना है.

कोलोरेक्टल कैंसर

कोलोरेक्टल कैंसर कोलोन या मलाशय का कैंसर है, जो मुख्य रूप से अधिक आयु वर्ग के पुरुषों / महिलाओं को प्रभावित करता है. मोटापा, धूम्रपान और इन्फ्लामेट्री बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में इस कैंसर का खतरा अधिक होता है. इसके अलाव अन्य कारक जैसे कोलोरेक्टल कैंसर का पारिवारिक इतिहास, शारीरिक निष्क्रियता, उम्र, फाइबर युक्त भोजन का कम सेवन करना, और प्रोसेस्ड और रेड मीट का अधिक सेवन इस कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है. पेट में दर्द, रेक्टल से खून बहना, आंत की आदतों में बदलाव और वजन कम होने जैसे लक्षण हो सकते हैं.

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लिवर कैंसर

लिवर कैंसर के लक्षणों में पीलिया, भूख में कमी और पेट दर्द शामिल हैं. लिवर कैंसर से बचने के लिए शराब के सेवन से बचें, नियमित रूप से व्यायाम करें, हेल्दी चीजों का सेवन करें और खुद को हेपेटाइटिस बी और सी वायरस से संक्रमित होने से बचाव करके लिवर कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर में कैंसर के जितने मामले सामने आते हैं, उनमें चौथी बड़ी बीमारी लिवर कैंसर होती है. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

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